17.4 C
Dehradun, IN
October 22, 2026
Pahadi Samachar
उत्तराखंडदेहरादून

सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक अफवाह को महाराज ने बताया आधारहीन

देहरादून। श्री बद्रीनाथ धाम परिसर के पास आयोजित एक उत्सव में संगीत का वीडियो वायरल होने के पश्चात सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यह अफवाह फैलाना कि श्री बद्रीनाथ धाम में संगीत, नृत्य या सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिबंधित हैं, सरासर गलत और तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि “जब श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते हैं, उस पावन अवसर पर स्वयं भारतीय सेना का बैंड धार्मिक धुनों और मंगल संगीत की प्रस्तुति करता है। यह परम्परा वर्षों से चली आ रही है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री बद्रीनाथ धाम केवल एक मंदिर ही नहीं, अपितु उर्वशी पीठ भी है। यहाँ संगीत के माध्यम से ही ईश्वर की आराधना और स्तुति की जाती है। संगीत यहाँ की आध्यात्मिक और वैदिक परम्परा का अभिन्न अंग रहा है, इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

श्री महाराज ने कहा कि हमारे सीमान्त गांव माणा में जब वैवाहिक कार्यक्रम होते हैं, तब भी वहां परम्परागत संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। यह हमारी सनातन संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने श्री बद्रीनाथ की पौराणिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां नर और नारायण पर्वत विराजमान हैं और यहां की पूजा पद्धति परम वैष्णव पद्धति है। बद्रीनाथ मंदिर के अंदर शंख नहीं बजाया जाता है। यहाँ शंखनाद करना पूरी तरह वर्जित है। क्योंकि वह हड्डी का बना होता है परन्तु मंदिर परिसर के बाहर शंख बजाने पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। यह हमारी पूजा पद्धति की विशेषता है, प्रतिबंध नहीं।

श्री महाराज ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी श्री बद्रीनाथ धाम में अनेक अवसरों पर इस प्रकार के धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। ऐसे में यह कहना कि श्री बद्रीनाथ में इस प्रकार के कार्यक्रम नहीं हो सकते, पूरी तरह से निराधार है।

उन्होंने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और देवभूमि की गरिमा को बनाए रखने में सहयोग करें। सरकार श्री केदारनाथ धाम सहित चारों धामों की पवित्रता, परम्परा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

Related posts

उत्तराखंड में वाहनों की बॉडी की तकनीकी जांच होगी अनिवार्य, फिटनेस और पंजीकरण से पहले परखे जाएंगे सुरक्षा मानक

Pahadi Samachar

गांधी और शास्त्री के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प, अधिकारियों-कर्मचारियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

Pahadi Samachar

स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश

Pahadi Samachar

Leave a Comment