24.2 C
Dehradun, IN
November 6, 2026
Pahadi Samachar
उत्तराखंड

गैरसैंण को जिला और स्थायी राजधानी बनाने की मांग तेज, विधानसभा सत्र के बीच सरकार पर उठे सवाल

चमोली। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू होते ही क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर आवाज उठने लगी है। स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों और राज्य आंदोलनकारियों ने गैरसैंण को जिला बनाने और स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग दोहराई है। साथ ही सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि गैरसैंण में केवल कुछ दिनों के लिए विधानसभा सत्र आयोजित करने से पहाड़ की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार को क्षेत्र के समग्र विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और स्थानीय लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी प्राथमिकता से काम करना चाहिए।

दो दिवसीय सत्र पर पूरन सिंह नेगी ने उठाए सवाल

भराड़ीसैंण विधानसभा भवन के नजदीकी गांव दिवालीखाल निवासी पूरन सिंह नेगी ने दो दिवसीय विधानसभा सत्र के आयोजन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के आवागमन पर खर्च होता है, लेकिन स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त प्रयास नजर नहीं आते।

नेगी ने मांग की कि विधानसभा सत्र में पहाड़ी क्षेत्रों की प्रमुख समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा हो और उनके समाधान के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं। उन्होंने गैरसैंण को जिला बनाने की मांग पर भी सरकार से निर्णय लेने की अपील की।

सड़क चौड़ीकरण और बेहतर कनेक्टिविटी की मांग

स्थानीय युवा मिंटू भंडारी ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान भराड़ीसैंण और वीआईपी मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जबकि आम लोगों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने ज्योलीकोट से कर्णप्रयाग तक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और गैरसैंण को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों की स्थिति सुधारने की मांग की। उनका कहना है कि बेहतर सड़क सुविधाएं स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और यात्रियों के लिए भी जरूरी हैं।

गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग

क्षेत्र में शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग भी उठाई गई है। मिंटू भंडारी के अनुसार, क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधाएं बढ़ने से स्थानीय बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करने की जरूरत कम होगी।

अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग

स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को इलाज के लिए श्रीनगर, देहरादून, रानीखेत और हल्द्वानी जैसे शहरों तक जाना पड़ता है।

उन्होंने सरकार से अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि लोगों को समय पर स्थानीय स्तर पर उपचार मिल सके।

स्थायी राजधानी और जिला गठन पर निर्णय की उम्मीद

गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने और जिला बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। स्थानीय लोगों और राज्य आंदोलनकारियों का कहना है कि विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से समय-समय पर इन मुद्दों पर आश्वासन दिए गए, लेकिन उनकी प्रमुख मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं।

विधानसभा सत्र के बीच क्षेत्रवासियों ने सरकार से अपेक्षा जताई है कि गैरसैंण के विकास को केवल सत्र आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि स्थायी राजधानी, जिला गठन, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस निर्णय लेकर पहाड़ी क्षेत्र के विकास को गति दी जाए।

Related posts

कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के साथ हुए विवाद पर भड़के मीका सिंह, भाई के समर्थन में आए सामने

Pahadi Samachar

माउंट मुकुट ईस्ट का ऐतिहासिक आरोहण कर लौटे भारतीय तटरक्षक बल एवं एचएमआई के संयुक्त अभियान दल का मुख्यमंत्री ने किया फ्लैग-इन

Pahadi Samachar

मुख्यमंत्री धामी का विकास प्राधिकरणों को सख्त निर्देश—लंबित मास्टर प्लान और परियोजनाओं में तेजी लाएं, हर कार्य की तय हो समय-सीमा

Pahadi Samachar

Leave a Comment