मौसम की मार से जौलीग्रांट क्षेत्र के किसानों की बढ़ी चिंता, धान की फसल को भारी नुकसान का खतरा
जौलीग्रांट और आसपास के क्षेत्रों (धरमुचक, कुड़कावाला, बुल्लावाला, मारखमग्रांट) में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धान की कटाई के समय खराब हुए मौसम के कारण किसानों पर दोहरी मार पड़ी है:
कटी हुई फसल पर संकट: खेतों में काटकर रखी गई धान की फसल को 100% तक नुकसान होने की आशंका है, क्योंकि भीगने से फसल खराब हो रही है।
खड़ी फसल को खतरा: खेतों में पककर तैयार खड़ी फसल की कटाई प्रभावित हो रही है, जिससे महीनों की मेहनत और लागत डूबने का डर है।
किसान नेताओं और स्थानीय लोगों की मांग: भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह खालसा और मारखमग्रांट के प्रधान परमिंदर सिंह बाउ सहित अन्य किसानों (प्रितपाल, सालेकचंद, जयपाल) ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
