17.4 C
Dehradun, IN
October 22, 2026
Pahadi Samachar
उत्तराखंडदेहरादून

परिवार कई पीढ़ियों से मिट्टी के दीये बनाने का काम कर रहा है। राम सिंह प्रजापति का परिवार

दीपावली के पावन पर्व पर डोईवाला के प्रेमनगर बाजार से जुड़ी एक बेहद सुंदर और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। यहाँ रामसिंह प्रजापति का पूरा परिवार पीढ़ियों से चली आ रही अपनी पुश्तैनी कला को जिंदा रखते हुए मिट्टी के दीये और पारंपरिक वस्तुएं बनाने में पूरी शिद्दत से जुट गया है।

​आधुनिक दौर में बिजली की रंग-बिरंगी झालरों का चलन भले ही बढ़ गया हो, लेकिन दीपावली की असली चमक मिट्टी के दीयों के बिना अधूरी ही मानी जाती है। पूजा-पाठ से लेकर घरों की चौखट और आंगनों को रोशन करने के लिए आज भी लोग पारंपरिक दीयों को ही प्राथमिकता देते हैं।

​इस पुश्तैनी काम को आगे बढ़ाने में रामसिंह प्रजापति अकेले नहीं हैं, बल्कि उनकी इस कला में पूरा परिवार उनका मजबूत सहारा बना हुआ है। उनकी पत्नी शांति, दोनों बेटे और बहुएं—सभी मिलकर मिट्टी को सहेजने, उसे सुंदर आकार देने और दीये तैयार करने में हाथ बंटा रहे हैं।

​रामसिंह बताते हैं कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर जब उनके बनाए दीये लोगों के घरों को रोशन करते हैं, तो उन्हें और उनके पूरे परिवार को बेहद संतोष और खुशी मिलती है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा न सिर्फ उनकी रोजी-रोटी का जरिया है, बल्कि भारतीय संस्कृति और लोककला को सहेजने का एक अनूठा प्रयास भी है।

Related posts

श्रद्धेय अशोक सिंघल जी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री धामी

Pahadi Samachar

रसुवागढ़ी में फ्लैश फ्लड के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे 400 तीर्थयात्री संपर्क से बाहर

Pahadi Samachar

विश्व मानक दिवस पर BIS देहरादून का आयोजन, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर

Pahadi Samachar

Leave a Comment