17.4 C
Dehradun, IN
October 22, 2026
Pahadi Samachar
उत्तराखंडखेल

उत्तराखंड में खेल क्रांति की तैयारी! विश्वस्तरीय क्रीड़ा विश्वविद्यालय से तैयार होगी चैंपियनों की नई पौध

हल्द्वानी। राष्ट्रीय खेल दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि और वीरभूमि के साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा। राज्य के खिलाड़ियों को खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, इसके लिए उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रतिभाओं को मंच, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है।

शनिवार को गौलापार में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों के शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां और युवाओं की ऊर्जा खेलों के लिए अनुकूल हैं। आवश्यकता केवल प्रतिभा को सही मंच और आधुनिक संसाधन देने की है।

मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय खेल दिवस पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केवल महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल थे। उन्होंने कहा कि ध्यानचंद ने गुलामी के दौर में अपने खेल से देशवासियों का आत्मविश्वास बढ़ाया। उनकी उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा जन्म से मिल सकती है, लेकिन महानता निरंतर परिश्रम से हासिल होती है।

खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 8 से 14 वर्ष के उदीयमान खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना शुरू की है। वहीं 14 से 23 वर्ष के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत मासिक खेल छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।

खिलाड़ियों को चोट और आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा व आर्थिक सहायता की व्यवस्था के साथ मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया गया है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न सरकारी सेवायोजन की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले 243 खिलाड़ियों को भी विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

हर जिले की बनेगी अपनी खेल पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट में राज्य का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित हो रहा है। सरकार ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक जिले की अपनी खेल पहचान विकसित करने पर काम कर रही है। विभिन्न खेल विधाओं के लिए राज्य में 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 के राष्ट्रीय खेलों में अधिक पदक हासिल करने के साथ ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करना है।

एआई से होगी खिलाड़ियों की फिटनेस की निगरानी

खेलों में तकनीक के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उदीयमान खिलाड़ियों की फिटनेस के नियमित मूल्यांकन के लिए ‘मौली एआई’ एप्लीकेशन विकसित किया गया है। भविष्य में खेल प्रतिभाओं के कौशल और प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए आधुनिक तकनीक का और अधिक इस्तेमाल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें आर्थिक कठिनाई, संसाधनों की कमी या अवसरों का अभाव किसी खिलाड़ी के सपने के रास्ते में बाधा न बने। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान में उतरकर पूरी मेहनत और क्षमता के साथ प्रदर्शन करने का आह्वान किया और कहा कि उत्तराखंड के युवाओं का जज्बा हिमालय की तरह अडिग है।

Related posts

निवेश के नाम पर ₹69.90 लाख की साइबर ठगी, STF ने गौतमबुद्धनगर से आरोपी दबोचा

Pahadi Samachar

पटेलनगर में चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

Pahadi Samachar

सीएम धामी की मुलाकात के बाद उत्तराखंड में 2,708 करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट को गति

Pahadi Samachar

Leave a Comment